नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन और पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम देर रात वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और इस मामले में सरकार अब और भी सख्त कार्रवाई करने जा रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक के खिलाफ कड़े कदमों पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा होगी।
छात्रों से बोले पीएम- पेपर लीक से लाखों परिवारों को हुई पीड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए गंभीर चिंता और पीड़ा का कारण बनती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सामने आए पेपर लीक मामलों के बाद सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
22 लाख छात्रों की परीक्षा कराना सरकार की प्राथमिकता रही
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। इसी उद्देश्य से कम समय में करीब 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित कराई गईं। उन्होंने बताया कि 19 तारीख को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं और देशभर से सफल विद्यार्थियों की सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार मौजूदा कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। विभागों ने देर रात इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर उन्हें सौंप दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के साथ-साथ दोषियों के लिए कड़ी सजा का भी प्रावधान रखा गया है। इस मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा होगी। मंत्रियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
संसद के दूसरे सप्ताह में विधेयक लाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमवार से संसद के दूसरे सप्ताह की कार्यवाही शुरू होगी और सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द संसद से पारित कराने का प्रयास करेगी, ताकि पेपर लीक जैसे मामलों पर प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उच्च शिक्षा विभाग में भी हुआ बड़ा प्रशासनिक बदलाव
इसी बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल भी किया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है।
